दस गुरु वंदना*


श्री नानक पग पंकज वंदन

सिमरौं अंगद दुख निकंदन

गुरु अमरदास हृदय नित ध्य़ाऊँ

श्री गुरु रामदास गुण गाऊँ

गुरु अर्जुन विघ्नन के नाशक

हरि गोबिंद शुभ मति प्रकाशक

श्री हरिराय नमौं  कर जोरी

श्री हरि कृष्ण मनाई बहोरी

गुरु तेग बहादुर परम कृपाला

श्री गुरु गोबिंद सिंघ बिसाला

धरौं धरा पर पुनि पुनि शीशा

बंदऊं बार बार जगदीशा

 * This prayer is usually recited in Sikh gurudwaras before a katha recital.

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